Amanour Bypass Project Compensation Camp | अमनौर बाईपास परियोजना में तेजी, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने भूअर्जन शिविर का किया निरीक्षण
रैयतों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं, कई मामलों का मौके पर हुआ समाधान | Amanour Bypass Project Compensation Camp
सारण, 24 जून 2026। अमनौर बाईपास परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। इसी क्रम में सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर स्थित एमवीआरडी कॉलेज, अगुआन में आयोजित विशेष भूअर्जन शिविर का निरीक्षण किया।
यह शिविर भूमि स्वामियों को शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
एक-एक रैयत से मिले जिलाधिकारी | Amanour Bypass Project Compensation Camp
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिविर में मौजूद रैयतों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनकी शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। कई मामलों में अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर मौके पर ही समाधान कराया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन भूमि स्वामियों के हितों की पूरी सुरक्षा करेगा और सभी पात्र लोगों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
“विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
मुआवजा दर पर आपत्ति होने पर भी मिलेगा भुगतान | Amanour Bypass Project Compensation Camp
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन रैयतों को निर्धारित मुआवजा दर पर किसी प्रकार की आपत्ति है, वे अपनी आपत्ति दर्ज कराने के साथ-साथ मुआवजे की राशि प्राप्त कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित हुए बिना शिकायतों का निस्तारण करना है।
रैयतों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- मुआवजा दर पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
- आपत्ति के बावजूद भुगतान प्राप्त किया जा सकता है।
- तकनीकी और कागजी त्रुटियों का प्राथमिकता से समाधान होगा।
- अधिक से अधिक अभिश्रव प्राप्त कर भुगतान प्रक्रिया तेज की जाएगी।
- भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
आपसी विवाद वाले मामलों में न्यायालय करेगा फैसला | Amanour Bypass Project Compensation Camp
जिन भूखंडों को लेकर भूमि स्वामियों के बीच विवाद है, उनके मुआवजे की राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी।
न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान किया जाएगा। इससे विवादित मामलों में निष्पक्षता बनी रहेगी।
तरैया और मढ़ौरा में भी लगेंगे विशेष शिविर | Amanour Bypass Project Compensation Camp
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अमनौर मॉडल पर ही तरैया और मढ़ौरा में भी विशेष भूअर्जन शिविर आयोजित किए जाएं।
इससे प्रभावित रैयतों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सकेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश | Amanour Bypass Project Compensation Camp
शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और अमीन मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भविष्य में आयोजित होने वाले सभी शिविरों में संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
अमनौर बाईपास परियोजना से संभावित लाभ | Amanour Bypass Project Compensation Camp
| क्षेत्र | संभावित लाभ |
|---|---|
| अमनौर | यातायात दबाव में कमी |
| ग्रामीण क्षेत्र | आवागमन में सुविधा |
| व्यापार | परिवहन लागत में कमी |
| स्थानीय अर्थव्यवस्था | विकास गतिविधियों को बढ़ावा |
| सारण जिला | आधारभूत संरचना का विस्तार |
परियोजना पर प्रशासन का फोकस | Amanour Bypass Project Compensation Camp
अमनौर बाईपास परियोजना को सारण जिले की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल माना जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हों, ताकि परियोजना का निर्माण कार्य बिना बाधा आगे बढ़ सके।


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