Anemia Prevention in Siwan | सिवान में एनीमिया के खिलाफ बड़ा अभियान, स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सिवान, 8 अगस्त 2026।
सिवान जिले में एनीमिया की रोकथाम और प्रभावी उपचार को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन, सिवान की अध्यक्षता में हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पीरामल स्वास्थ्य के सहयोग से किया गया। इसमें जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।
समय पर पहचान और उपचार पर जोर | Anemia Prevention in Siwan
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एनीमिया की समय पर पहचान करना था। इसके साथ ही मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन, सिवान और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी की प्रमुख उपस्थिति रही। इस अवसर पर श्री राजेश तिवारी, जिला प्रबंधक श्री बलिंद्र सिंह, पीरामल स्वास्थ्य, गांधी फेलो सहित अन्य पदाधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को एनीमिया की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
हीमोग्लोबिन जांच की प्रक्रिया समझाई
स्वास्थ्यकर्मियों को हीमोग्लोबिन की जांच के बारे में विस्तार से बताया गया। एनीमिया के अलग-अलग स्तरों की पहचान और उसके अनुसार उपचार की प्रक्रिया भी समझाई गई।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया—
- हीमोग्लोबिन की नियमित जांच।
- एनीमिया की गंभीरता की पहचान।
- मरीज के अनुसार उचित उपचार।
- आयरन और फोलिक अम्ल का नियमित सेवन।
- संतुलित आहार और पोषण का महत्व।
- गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच।
- किशोरियों में एनीमिया की पहचान।
- बच्चों में समय पर उपचार।
- उपचार के बाद नियमित निगरानी।
गर्भवती महिलाओं और किशोरियों पर विशेष ध्यान | Anemia Prevention in Siwan
प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में एनीमिया की समय पर पहचान को लेकर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि एनीमिया की अनदेखी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए जांच के बाद उपचार और नियमित निगरानी जरूरी है।
गंभीर एनीमिया की स्थिति में उपयोग होने वाले आयरन सुक्रोज और फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज के उपयोग तथा पात्रता से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
सिवान में एनीमिया की स्थिति चिंताजनक | Anemia Prevention in Siwan
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के पांचवें चरण के अनुसार सिवान में एनीमिया का प्रभाव काफी अधिक दर्ज किया गया था।
| वर्ग | एनीमिया की स्थिति |
|---|---|
| 6 से 59 माह के बच्चे | 63.9 प्रतिशत |
| 15 से 19 वर्ष की महिलाएं | 64.0 प्रतिशत |
| 15 से 49 वर्ष की महिलाएं | 53.1 प्रतिशत |
इन आंकड़ों से साफ है कि बच्चों और महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम को लेकर लगातार प्रयास की जरूरत है।
प्रखंड और समुदाय स्तर तक पहुंचेगा प्रशिक्षण | Anemia Prevention in Siwan
जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से आगे सहायक नर्स दाई, सामान्य परिचारिका और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को भी प्रशिक्षण देने की योजना है।
इससे एनीमिया की पहचान और उपचार की व्यवस्था को प्रखंड तथा समुदाय स्तर तक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जांच और समय पर उपचार के माध्यम से जिले में एनीमिया के बोझ को कम करना है।
समन्वित प्रयास से बनेगा एनीमिया मुक्त सिवान | Anemia Prevention in Siwan
अधिकारियों ने कहा कि एनीमिया की प्रभावी रोकथाम केवल जांच तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उपचार और नियमित निगरानी को स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा बनाना होगा।
कार्यक्रम में सभी स्वास्थ्यकर्मियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया गया।
“सिवान को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय और समन्वित भूमिका जरूरी है।”
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि एनीमिया की पहचान और उपचार को जिले के प्रत्येक स्तर तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


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