Bhāmati Vācaspati Festival 2026 | परिचर्चा सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन
मधुबनी, 16 मार्च 2026: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में “भामती वाचस्पति महोत्सव–2026” का भव्य आयोजन किया गया। 15 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रम और दूसरे दिन परिचर्चा सत्र का आयोजन हुआ।
इस महोत्सव का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, मैथिली भाषा और क्षेत्रीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं को उजागर करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्घाटन | Bhāmati Vācaspati Festival 2026
सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संध्या 6:00 बजे किया गया।
उद्घाटन में प्रमुख अतिथि:
- जिला परिषद अध्यक्ष: सुश्री बिंदु गुलाब यादव
- श्री नीतीश कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी
- प्रखंड विकास पदाधिकारी
- अंधराठाढ़ी तथा भामती वाचस्पति निर्माण समिति के अध्यक्ष: श्री रत्नेश्वर झा
उद्घाटन दीप प्रज्वलन से किया गया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक मैथिली पाग, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर किया गया।
“मिथिला की भूमि सदैव ज्ञान, दर्शन और संस्कृति की धरती रही है। पंडित वाचस्पति मिश्र जैसे महान दार्शनिकों ने इस क्षेत्र को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया है।”
— जिला परिषद अध्यक्ष, बिंदु गुलाब यादव
परिचर्चा सत्र: ज्ञान और संस्कृति का आदान-प्रदान | Bhāmati Vācaspati Festival 2026
दूसरे दिन आयोजित परिचर्चा सत्र में विद्वानों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
मुख्य विषय:
- भारतीय ज्ञान परंपरा
- मैथिली भाषा और साहित्य
- क्षेत्रीय इतिहास और संस्कृति
जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री संजय यादव ने कहा कि ऐसी पहल स्थानीय कलाकारों को मंच देती है और हमारी लोक संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: रंगारंग प्रस्तुतियाँ | Bhāmati Vācaspati Festival 2026
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय और प्रतिष्ठित कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
प्रमुख प्रस्तुतियाँ:
| कलाकार/समूह | प्रस्तुति | शैली |
|---|---|---|
| पंचनाद (Classical Fusion Band) | राग अहीर भैरव में “अलबेला साजन आयो री” | क्लासिकल फ्यूजन |
| रंजना झा | “चानन भेल” और अन्य विद्यापति रचित गीत | मैथिली गीत |
| अरविंद सिंह | “श्याम गजब सहर दरभंगा” | मैथिली भजन |
| नेहा कुमारी एवं समूह | ओडिसी नृत्य | शास्त्रीय नृत्य |
| वर्षा झा | पारंपरिक मैथिली गीत | लोक संगीत |
| प्रिया कुमारी एवं समूह | लोक नृत्य | लोक कला |
| दिव्या एवं शांति | “छाप तिलक सब चीनी” | गायन |
| डेज़ी ठाकुर | चैती गीत | लोक संगीत |
| तनय झा | मनमोहक गीत | आधुनिक गीत |
कार्यक्रम का कुशल संचालन आनंद मोहन झा (उद्घोषक) ने किया।
महोत्सव का महत्व | Bhāmati Vācaspati Festival 2026
- स्थानीय कलाकारों को मंच प्राप्त हुआ।
- नई पीढ़ी में अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ी।
- मैथिली भाषा और लोक कला का संरक्षण और प्रचार हुआ।
“यह महोत्सव केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कृति का भी संगम है।”
— स्थानीय विद्वान
भामती वाचस्पति महोत्सव–2026 ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा को नई ऊँचाई दी। यह आयोजन स्थानीय और राज्यस्तरीय कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना।
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