Census Training Monitoring | जनगणना प्रशिक्षण पर प्रशासन सख्त रुख
अनुश्रवण तेज, अनुपस्थितों पर कार्रवाई | Census Training Monitoring
छपरा।
भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रगणक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षण पर सख्ती बढ़ा दी है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। छोटे-छोटे बिंदुओं पर भी नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चार स्तर पर निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य कार्य को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
चार स्तरों पर हो रहा अनुश्रवण | Census Training Monitoring
प्रशासन ने प्रशिक्षण की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है।
मुख्य टीमें इस प्रकार हैं:
- जनगणना कार्य निदेशालय की टीम
- जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों की टीम
- जिला जनगणना प्रकोष्ठ की दो टीमें
- नियंत्रण कक्ष से तकनीकी निगरानी
नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सीएमएमएस पोर्टल पर वास्तविक समय में निगरानी हो रही है।
अनुपस्थित प्रशिक्षुओं पर कार्रवाई | Census Training Monitoring
प्रशिक्षण के दौरान लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है।
“कुल 16 अनुपस्थित प्रशिक्षुओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।”
यह कदम अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान | Census Training Monitoring
अनुश्रवण के दौरान निम्न बिंदुओं पर खास नजर रखी जा रही है:
- उपस्थिति की नियमित जांच
- प्रशिक्षण की गुणवत्ता
- क्षमतावर्द्धन का मूल्यांकन
- प्रशिक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता
प्रथम चरण में कई प्रखंडों का निरीक्षण | Census Training Monitoring
प्रथम चरण में 13 प्रखंडों में तीन दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है।
दूसरे दिन कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण किए गए प्रमुख प्रखंड:
| क्रम संख्या | प्रखंड का नाम |
|---|---|
| 1 | मांझी |
| 2 | एकमा |
| 3 | सोनपुर |
| 4 | दरियापुर |
| 5 | परसा |
निरीक्षण टीम में कई अधिकारी शामिल रहे। सभी ने प्रशिक्षण प्रक्रिया का गहन मूल्यांकन किया।
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी | Census Training Monitoring
प्रशिक्षण के दौरान चार्ज अधिकारी और सहायक चार्ज अधिकारी स्वयं उपस्थित रह रहे हैं।
इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार देखा जा रहा है।
“हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है ताकि जनगणना कार्य में कोई त्रुटि न हो।”


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