Census Training Program | जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा: सारण में ऑनलाइन परीक्षण मॉड्यूल की हुई सराहना
Census Training Program | सारण समाहरणालय में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण
छपरा, 13 मार्च 2026।
सारण जिले में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम (Census Training Program) का शुक्रवार को राज्य स्तर से निरीक्षण किया गया।
जनगणना कार्य के राज्य निदेशक एम. रामचंद्रुडु ने सारण समाहरणालय पहुंचकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की।
उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों और कर्मियों से संवाद किया। प्रशिक्षण प्रक्रिया का मूल्यांकन किया।
राज्य निदेशक ने कहा कि चार्ज अधिकारी और जिला स्तरीय पदाधिकारी जनगणना कार्य के वास्तविक नेतृत्वकर्ता होते हैं।
उनके नेतृत्व में ही पूरा जनगणना अभियान संचालित होता है। इसलिए उन्हें तकनीकी और व्यावहारिक दोनों पहलुओं की गहरी समझ होना आवश्यक है।
“जितना बेहतर प्रशिक्षण होगा, वास्तविक कार्य के समय उतनी ही कम कठिनाइयाँ आएंगी।”
— एम. रामचंद्रुडु, राज्य निदेशक, जनगणना कार्य
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान ही सभी संभावित समस्याओं और उनके समाधान को समझ लेना चाहिए, ताकि फील्ड कार्य के दौरान किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
तकनीकी प्रशिक्षण पर दिया गया विशेष जोर | Census Training Program
निरीक्षण के दौरान राज्य निदेशक ने प्रशिक्षुओं को डिजिटल प्रणाली के संचालन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि जनगणना के फील्ड कार्य से पहले सभी अधिकारियों को सीएमएमएस (CMMS) और एचएलबीसी (HLBC) पोर्टल का संचालन अच्छी तरह सीख लेना चाहिए।
प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य
- जनगणना प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी देना
- डेटा संग्रहण की सही पद्धति समझाना
- डिजिटल पोर्टल का संचालन सिखाना
- फील्ड कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान
- डेटा प्रविष्टि की शुद्धता सुनिश्चित करना
उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान ही सभी तकनीकी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझ लेंगे तो जनगणना कार्य अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
प्रशिक्षुओं से लिया गया फीडबैक | Census Training Program
राज्य निदेशक ने प्रशिक्षण के दौरान प्रश्नोत्तर पद्धति अपनाई।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से सीधे प्रश्न पूछे और प्रशिक्षण की गुणवत्ता के बारे में उनकी राय भी जानी।
कई प्रशिक्षुओं ने बताया कि प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) अंग्रेजी में होने के कारण कुछ कठिनाई होती है।
इस पर निदेशक ने स्पष्ट किया कि यह राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मैनुअल है, इसलिए अंग्रेजी में तैयार किया गया है।
हालांकि राज्य स्तर पर इस समस्या का समाधान किया जा रहा है।
हिंदी में भी उपलब्ध होगा प्रस्तुतीकरण
उन्होंने बताया कि राज्य जनगणना निदेशालय द्वारा हिंदी भाषा में भी पीपीटी तैयार की जा रही है।
इसे जल्द ही सभी जिलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
साथ ही उन्होंने प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया कि वे मैनुअल और जारी सर्कुलर का गंभीरता से अध्ययन करें।
सारण के ऑनलाइन परीक्षण मॉड्यूल की हुई प्रशंसा | Census Training Program
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सारण राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित ऑनलाइन परीक्षण प्रणाली की भी चर्चा हुई।
राज्य निदेशक ने इस पहल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह प्रणाली कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी समझ का मूल्यांकन करने में भी उपयोगी है।
“सारण जिले द्वारा तैयार किया गया यह परीक्षण मॉड्यूल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि इस मॉड्यूल को बिहार के अन्य जिलों के साथ भी साझा किया जाए, ताकि सभी जिलों को इसका लाभ मिल सके।
कैसे संचालित हुआ ऑनलाइन परीक्षण
प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों से ऑनलाइन प्रश्न पूछे गए।
यह परीक्षण डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आयोजित किया गया।
परीक्षण प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएँ
- प्रत्येक प्रश्न 45 सेकंड तक स्क्रीन पर प्रदर्शित होता है
- सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (मल्टीपल चॉइस) होते हैं
- कुल 30 प्रश्न पूछे गए
- प्रणाली स्वतः परिणाम तैयार करती है
परीक्षण प्रणाली का प्रारूप
| प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|
| प्रश्नों की संख्या | 30 |
| प्रति प्रश्न समय | 45 सेकंड |
| प्रश्न का प्रकार | बहुविकल्पीय |
| परिणाम | स्वतः रैंकिंग |
इस प्रणाली में प्रत्येक कर्मचारी के सही और गलत उत्तरों के आधार पर रैंकिंग भी प्रदर्शित होती है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को मिली सराहना | Census Training Program
प्रशिक्षण के अंत में सबसे अधिक सही उत्तर देने वाले कर्मियों की सराहना की गई।
साथ ही कम समय में सही उत्तर देने वाले कर्मियों को भी प्रोत्साहित किया गया।
इस प्रक्रिया से प्रशिक्षण में प्रतिस्पर्धात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण बना।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने किया स्वागत
इस अवसर पर प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने राज्य निदेशक का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि जिले में सभी चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
अब अगले चरण में चार्ज स्तर पर तकनीकी कर्मियों का प्रशिक्षण चल रहा है।
प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति | Census Training Program
| प्रशिक्षण चरण | स्थिति |
|---|---|
| चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण | पूर्ण |
| तकनीकी कर्मियों का प्रशिक्षण | जारी |
| फील्ड कार्य की तैयारी | प्रगति पर |
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक जनगणना कार्य से पहले अधिक से अधिक अभ्यास करना आवश्यक है।
“टेबलटॉप अभ्यास और फील्ड कार्य पहले पूरा करें। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही पोर्टल पर अंतिम डेटा प्रविष्टि करें।”
— वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
उन्होंने कहा कि इससे डेटा में त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाएगी।
इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका | Census Training Program
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन में कई अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- अवर जनगणना अधिकारी सह डीआईओ तारणी कुमार
- राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक सह डीसीएलआर सदर आलोक राज
- स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर अदिती आनंद
- स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर जुली कुमारी
- जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रविन्द्र कुमार
- जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अंजनी कुमार लाल
- एनडीसी रवि कुमार
- सहायक जिला सांख्यिकी पदाधिकारी धर्मजय
अवर जनगणना अधिकारी तारणी कुमार ने ऑनलाइन परीक्षण प्रणाली का संचालन किया, जबकि आलोक राज ने प्रशिक्षुओं की शंकाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षण से मजबूत होगी जनगणना व्यवस्था | Census Training Program
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जनगणना कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा।
डिजिटल प्रणाली और ऑनलाइन परीक्षण जैसे प्रयोग डेटा की सटीकता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक होंगे।
सारण जिले का यह मॉडल आने वाले समय में बिहार के अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
0 Comments