Census Training Program: मधुबनी में जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
जनगणना कार्य को सुचारू बनाने के लिए शुरू हुआ प्रशिक्षण
मधुबनी में Census Training Program की शुरुआत हो गई है।
सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य Census Data Collection, Population Survey और Digital Census Process को सुचारू और प्रभावी बनाना है।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ कार्य करें।
ताकि India Census Data, Population Statistics और Development Planning के लिए सटीक जानकारी मिल सके।
दो चरणों में चलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया गया है।
| चरण | तिथि | स्थान |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | 09 मार्च 2026 – 11 मार्च 2026 | समाहरणालय सभाकक्ष |
| द्वितीय चरण | 12 मार्च 2026 – 14 मार्च 2026 | निर्धारित प्रशिक्षण स्थल |
10 मार्च 2026 से प्रशिक्षण डीआरडीए सभागार, मधुबनी में भी आयोजित किया जाएगा।
जनगणना की प्रक्रिया और डिजिटल सर्वेक्षण पर दिया गया प्रशिक्षण
इस Census Training Program में जनगणना विभाग, बिहार से आए प्रशिक्षकों ने विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख प्रशिक्षक थे:
- रविशकान्त
- तारकेश्वर गुप्ता
उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
- Household Survey Process
- Census Data Collection Method
- Digital Data Entry System
- Population Enumeration Guidelines
- Survey Forms का सही उपयोग
इसके साथ ही घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
पारदर्शी और सटीक जनगणना पर जोर
प्रशिक्षकों ने कहा कि Digital Census Process का उद्देश्य डेटा को अधिक सटीक बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी पहलुओं के बारे में भी बताया।
“जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके आधार पर विकास योजनाओं का निर्माण किया जाता है।”
उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों को इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ करना होगा।
पहले दिन कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- अपर समाहर्ता – मुकेश रंजन
- नगर आयुक्त – उमेश भारती
- अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) – चंदन कुमार झा
- प्रखंड विकास पदाधिकारी
- नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी
- जिला स्तरीय समन्वय समिति के सदस्य
दूसरे चरण में आईटी कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दूसरे चरण में तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इनमें शामिल होंगे:
- आईटी सहायक
- प्रोग्रामर
- जिला जनगणना कोषांग के कर्मचारी
इन कर्मियों को Digital Census Data System और Online Population Survey Tools के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
विकास योजनाओं की आधारशिला है जनगणना
विशेषज्ञों के अनुसार Census Data किसी भी जिले और राज्य की विकास योजनाओं का आधार होता है।
जनगणना से प्राप्त जानकारी से सरकार को यह पता चलता है:
- जनसंख्या की वास्तविक स्थिति
- शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरत
- रोजगार और बुनियादी ढांचे की मांग
- ग्रामीण और शहरी विकास की प्राथमिकताएँ
इसी कारण Census Training Program को प्रशासनिक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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