Child Labour Eradication | बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन पर प्रमंडलीय कार्यशाला आयोजित
दरभंगा।
11 मार्च 2026 को दरभंगा में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
संयुक्त श्रम भवन, आईटीआई परिसर पंडासराय स्थित उप श्रम आयुक्त दरभंगा प्रमंडल के सभागार में “Child Labour Eradication” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला और सेमिनार आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम राज्य रणनीति एवं कार्य योजना 2025 के अंतर्गत आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य था —
बाल श्रम रोकना,
बाल श्रमिकों का पुनर्वास करना,
और संबंधित कानूनों की जानकारी देना।
इस कार्यशाला में दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिलों के सभी प्रखंडों में पदस्थापित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शामिल हुए।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ | Child Labour Eradication
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
उद्घाटन संयुक्त रूप से निम्न अधिकारियों ने किया —
- उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन
- श्रम अधीक्षक दिनेश कुमार
- अध्यक्ष, जिला बाल कल्याण समिति (दरभंगा व मधुबनी)
- बाल कल्याण समिति सदस्य (समस्तीपुर, दरभंगा व मधुबनी)
- बाल संरक्षण पदाधिकारी, दरभंगा
उद्घाटन के बाद कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
राज्य कार्य योजना 2025: 18 विभागों को जिम्मेदारी
कार्यक्रम के संयोजक और उप श्रम आयुक्त ने प्रतिभागियों को जानकारी दी कि Child Labour Eradication Strategy 2025 लागू की गई है।
इस योजना में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन से जुड़े कार्यों के लिए 18 विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल श्रम विभाग की नहीं है।
यह एक समन्वित सरकारी अभियान है।
जिसमें कई विभाग मिलकर काम करेंगे।
PowerPoint के माध्यम से दी गई कानूनी जानकारी
कार्यशाला के दौरान उप श्रम आयुक्त ने PowerPoint Presentation के माध्यम से प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने Child Labour (Prohibition and Regulation) Act 1986 तथा Amended Child Labour Act 2016 के प्रावधानों को समझाया।
साथ ही Right to Education Act से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई।
“बच्चों का स्थान स्कूल में है, काम पर नहीं” | Child Labour Eradication
कार्यक्रम में उप श्रम आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
“बच्चों का स्थान स्कूल में है।
खेल के मैदान में है।
किसी होटल, ढाबा, मोटर गैरेज या फैक्ट्री में नहीं।”
उन्होंने कहा कि 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त है।
यह अधिकार Right to Education Act के तहत सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
तकनीकी सत्र में दी गई पुनर्वास योजना की जानकारी
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में राजेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बाबूबरही (मधुबनी) ने विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिकों की विमुक्ति और पुनर्वास के लिए कई कानूनी और आर्थिक प्रावधान हैं।
Child Labour Act: क्या कहता है कानून
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| धारा 3 | 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से काम कराना पूर्णतः प्रतिबंधित |
| धारा 14(1) | बाल श्रम कराने पर 20,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना |
| सजा | 6 महीने से 2 वर्ष तक कारावास |
उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाल कल्याण समिति की भूमिका समझाई
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि Child Welfare Committee (CWC) एक जिला स्तरीय वैधानिक संस्था है।
यह संस्था Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act 2015 के तहत गठित की गई है।
CWC के प्रमुख कार्य
- जरूरतमंद बच्चों की पहचान
- बाल देखभाल संस्थानों में संरक्षण
- फोस्टर केयर व्यवस्था
- बच्चों का पुनर्वास
- परिवार में पुनर्मिलन
- गोद लेने की प्रक्रिया
- संस्थाओं की नियमित निगरानी
बाल श्रमिकों के लिए आर्थिक सहायता
श्रम अधीक्षक दरभंगा ने बताया कि राज्य सरकार बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं चला रही है।
उन्होंने बताया कि Child Labour Rehabilitation Scheme के तहत:
विमुक्त बाल श्रमिकों को मिलने वाली सहायता
| सहायता | राशि |
|---|---|
| तत्काल राहत | 3000 रुपये |
| मुख्यमंत्री राहत कोष | 25,000 रुपये |
| एक माह का राशन | निःशुल्क |
| वस्त्र | उपलब्ध |
उन्होंने कहा कि राज्य कार्य योजना के अनुसार धावादल (Rescue Team) के माध्यम से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान में बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जा रहा है।
प्रतिभागियों ने उठाए कई सवाल
कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारियों और हितधारकों ने कई सवाल भी उठाए।
इनमें प्रमुख मुद्दे थे:
- बाल श्रमिकों की पहचान
- पुनर्वास प्रक्रिया
- कानूनी कार्रवाई
- विभागों के बीच समन्वय
इन सभी समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा किया गया।
सभी हितधारकों को दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के अंत में उप श्रम आयुक्त ने सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बाल मजदूरी को बढ़ावा नहीं देगा।
सभी ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त
कार्यक्रम का मंच संचालन साधना भारती, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हायाघाट द्वारा किया गया।
अंत में श्रम अधीक्षक दरभंगा ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।
इसके साथ ही कार्यशाला का समापन हुआ।
दरभंगा में आयोजित यह कार्यशाला Child Labour Eradication Campaign को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार की State Action Plan 2025 के माध्यम से बाल श्रम खत्म करने की कोशिश तेज की जा रही है।
यदि सभी विभाग और समाज मिलकर काम करें तो बाल मजदूरी मुक्त समाज बनाना संभव है।
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