Child Labour Rescue | भगवानपुर प्रखंड में Child Labour Rescue, दो बाल श्रमिकों को किया विमुक्त
भगवानपुर, दरभंगा, 20 मार्च 2026:
आज दिनांक 20 मार्च 2026 को भगवानपुर प्रखंड में श्रम विभाग की टीम ने विशेष Child Labour Rescue अभियान के तहत छापेमारी कर दो बाल श्रमिकों को विमुक्त किया। ये बच्चे स्थानीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत पाए गए।
विशेष अभियान: चाइल्ड लेबर रेस्क्यू अभियान | Child Labour Rescue
यह कार्रवाई 31 मार्च 2026 तक चल रहे विशेष ‘चाइल्ड लेबर रेस्क्यू अभियान’ के अंतर्गत की गई। अभियान का उद्देश्य बच्चों और किशोरों के खिलाफ श्रम का उन्मूलन करना है।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ:
- विभिन्न प्रतिष्ठानों में बाल एवं किशोर श्रम के विरुद्ध सघन जांच।
- दोषी नियोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
- प्रति बाल श्रमिक ₹20,000 पुनर्वास कोष में जमा।
- विमुक्त बच्चों को तत्काल सहायता और पुनर्वास।
“हम बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोषियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता रहेगी।”
— श्रीकांत कुमार, जिला श्रम पदाधिकारी
बच्चों के लिए सहायता एवं पुनर्वास | Child Labour Rescue
विमुक्त बच्चों को तत्काल rehabilitation support प्रदान की जा रही है। इसमें शिक्षा से जोड़ने, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित आवास शामिल है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि बाल श्रम से मुक्त बच्चों को स्थायी सहायता मिले।
तुरंत राहत की व्यवस्था:
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| शिक्षा | स्थानीय स्कूल में नामांकन |
| स्वास्थ्य | चिकित्सा जांच एवं टीकाकरण |
| आवास | सुरक्षित बाल गृह में अस्थायी आवास |
| पुनर्वास कोष | ₹20,000 प्रति बाल श्रमिक |
जागरूकता अभियान और नियम पालन | Child Labour Rescue
जिला प्रशासन ने बाल श्रम उन्मूलन हेतु जागरूकता अभियान भी चलाया।
- बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल।
- नियोजकों से नियमों के अनुपालन की अपील।
- समाज में बाल श्रम के खिलाफ जनजागरण।
मुख्य संदेश:
- बाल श्रम का हर रूप गैरकानूनी।
- दोषियों पर कानूनी कार्रवाई।
- बच्चों को सुरक्षित और शिक्षित भविष्य।
भगवानपुर प्रखंड में आज की कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया कि Child Labour Rescue अभियान सख्ती से लागू है। जिला प्रशासन बच्चों की भलाई और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
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