Child Protection Institutions Inspection | मोतिहारी में बाल संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास पर विशेष जोर
बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश, नशा उन्मूलन और मानव तस्करी रोकथाम अभियान चलाने को कहा | Child Protection Institutions Inspection
मोतिहारी, 15 जून 2026। बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के माननीय सदस्य राकेश कुमार सिंह ने रविवार को पूर्वी चम्पारण जिले के विभिन्न बाल संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यवेक्षण गृह, मोतिहारी तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी का दौरा कर बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई आवश्यक निर्देश जारी किए गए। आयोग के सदस्य ने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए कहा।
पर्यवेक्षण गृह में मरम्मत और कंप्यूटर शिक्षा पर जोर | Child Protection Institutions Inspection
पर्यवेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान भवन की स्थिति का अवलोकन किया गया। इस क्रम में आवश्यक मरम्मत और रंग-रोगन कराने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से संस्थान में कंप्यूटर शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
प्रमुख निर्देश
- भवन की मरम्मत और पुताई कराई जाए।
- बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था हो।
- गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित की जाए।
- बच्चों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- अनुकूल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
दत्तक ग्रहण संस्थान में पुनर्वास मामलों की समीक्षा | Child Protection Institutions Inspection
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान बच्चों के पुनर्स्थापन और पुनर्वास से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। आयोग के सदस्य ने निर्देश दिया कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए पारिवारिक पुनर्स्थापन और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
“बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षित जीवन के लिए पुनर्वास प्रक्रिया को प्रभावी और संवेदनशील बनाना आवश्यक है।”
नशा और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश | Child Protection Institutions Inspection
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई को नशा उन्मूलन तथा मानव तस्करी निरोध के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों को नशे तथा मानव तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक अपराधों से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
निरीक्षण की मुख्य बातें | Child Protection Institutions Inspection
| विषय | निर्देश |
|---|---|
| भवन व्यवस्था | मरम्मत और रंग-रोगन |
| शिक्षा | कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था |
| देखभाल | गुणवत्तापूर्ण संरक्षण |
| पुनर्वास | समयबद्ध पुनर्स्थापन प्रक्रिया |
| जनजागरूकता | नशा उन्मूलन और मानव तस्करी रोकथाम अभियान |
अधिकारी रहे मौजूद | Child Protection Institutions Inspection
इस अवसर पर बाल संरक्षण पदाधिकारी, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक, लेखापाल, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित संबंधित संस्थानों के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़े सभी मामलों की नियमित निगरानी जारी रहेगी।
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