Cooperative Bank Liquidation | वैशाली में सहकारी बैंक परिसमापन में जिलाधिकारी ने संभाला जिम्मेदारी
वैशाली, 17 मार्च 2026: वैशाली जिले में वित्तीय पारदर्शिता और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा को लेकर एक सख्त पहल (Strict Initiative) की गई है। जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) ने वैशाली शहरी विकास को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, हाजीपुर के परिसमापक (Liquidator) पद का स्वयं प्रभार ग्रहण कर लिया है।
यह कदम प्रशासनिक दृष्टि से अनूठा है। अब पूरे बैंक परिसमापन की निगरानी सीधे उनके नेतृत्व में होगी।
जिलाधिकारी का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप | Cooperative Bank Liquidation
- श्रीमती वर्षा सिंह ने सह-परिसमापक के रूप में बैंक से जुड़े सभी प्रशासनिक, वित्तीय और विधिक कार्यों का संचालन करना शुरू कर दिया है।
- इस निर्णय से लंबे समय से लंबित परिसमापन प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
- प्रशासन इसे जिम्मेदार और पारदर्शी पहल (Responsible and Transparent Initiative) के रूप में देख रहा है।
“जमाकर्ताओं की राशि की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।” – जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह
प्रमुख निर्देश और प्रशासनिक कार्रवाई | Cooperative Bank Liquidation
- बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
- बकाया ऋणों की वसूली के लिए त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई का आदेश।
- परिसंपत्तियों, देनदारियों और खातों का विस्तृत मूल्यांकन।
- जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- जिला प्रशासन ने इन्वेंट्री की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने के लिए निर्देशित किया है।
परिसमापन प्रक्रिया का रोडमैप | Cooperative Bank Liquidation
| क्र.सं. | कार्रवाई | जिम्मेदार अधिकारी | समयसीमा |
|---|---|---|---|
| 1 | बैंक परिसंपत्तियों का मूल्यांकन | जिलाधिकारी और सह-परिसमापक | मार्च-अप्रैल 2026 |
| 2 | बकाया ऋण वसूली | बैंक प्रशासन + वित्तीय विभाग | अप्रैल 2026 |
| 3 | जमाकर्ताओं को भुगतान प्राथमिकता | जिला प्रशासन | मई 2026 |
| 4 | अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई | विधिक विभाग | तुरंत लागू |
प्रशासन और जमाकर्ताओं के बीच भरोसा | Cooperative Bank Liquidation
श्रीमती वर्षा सिंह के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से यह संदेश गया है कि जिला प्रशासन आम लोगों के हितों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
- जमाकर्ताओं के बीच भरोसा बढ़ा है।
- परिसमापन प्रक्रिया अब समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होने की संभावना है।
“हमारा उद्देश्य सिर्फ परिसमापन करना नहीं, बल्कि जमाकर्ताओं के विश्वास को मजबूत करना है।” – जिलाधिकारी
वैशाली जिले में यह पहल सख्त प्रशासनिक निर्णय (Strict Administrative Action) और वित्तीय पारदर्शिता का उदाहरण बन गई है।
- जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- जमाकर्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।
- यह कदम भविष्य में अन्य सहकारी बैंकों के परिसमापन के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है।
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