Family Support in Breastfeeding | परिवार का साथ बना नवजात के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत
माँ को सहयोग मिलेगा तो शिशु रहेगा स्वस्थ, विशेषज्ञों ने परिवार की भूमिका बताई सबसे महत्वपूर्ण | Family Support in Breastfeeding
किशनगंज में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिया महत्वपूर्ण संदेश | Family Support in Breastfeeding
किशनगंज, 04 अगस्त।
नवजात शिशु का जन्म केवल एक बच्चे का जन्म नहीं होता। यह पूरे परिवार के लिए नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिवार माँ का पूरा साथ दे, तो शिशु का भविष्य अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि प्रसव के बाद माँ को अकेला न छोड़ें। उसे भावनात्मक, सामाजिक और व्यावहारिक सहयोग देना परिवार का दायित्व है। इससे स्तनपान सफल होता है और नवजात का विकास बेहतर ढंग से होता है।
परिवार की भागीदारी से मजबूत होगा मातृत्व | Family Support in Breastfeeding
टेढ़ागाछ प्रखंड की रहने वाली नाजिया (परिवर्तित नाम) पहली बार माँ बनीं। प्रसव के बाद उन्हें स्तनपान कराने में कठिनाई हुई। परिवार के कुछ लोगों ने शिशु को ऊपर का दूध देने की सलाह दी।
लेकिन उनकी सास और पति ने अस्पताल में मिली स्वास्थ्य सलाह को प्राथमिकता दी। उन्होंने नाजिया का हौसला बढ़ाया। आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन में परिवार ने पूरा सहयोग दिया।
कुछ ही दिनों में शिशु नियमित रूप से स्तनपान करने लगा। उसकी वृद्धि भी सामान्य होने लगी।
“यदि परिवार का साथ नहीं मिलता, तो शायद मैं स्तनपान बीच में ही छोड़ देती।” — नाजिया (परिवर्तित नाम)
सिविल सर्जन की अपील | Family Support in Breastfeeding
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि प्रसव के बाद माँ को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवार का छोटा-सा प्रोत्साहन भी माँ का आत्मविश्वास बढ़ाता है। इससे शिशु को स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत मिलती है।
उनके अनुसार जब पूरा परिवार साथ खड़ा होता है, तभी स्तनपान और नवजात देखभाल की हर पहल सफल होती है।
मानसिक सहयोग भी है उतना ही जरूरी | Family Support in Breastfeeding
महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रिजवाना तबस्सुम ने कहा कि प्रसव के बाद माँ कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजरती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे समय में परिवार का सकारात्मक व्यवहार, घरेलू कार्यों में सहयोग और भावनात्मक समर्थन स्तनपान को आसान बनाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधूरी जानकारी के कारण कई परिवार नवजात को पानी, शहद या अन्य पदार्थ देना शुरू कर देते हैं, जबकि शुरुआती छह महीने तक केवल माँ का दूध ही पर्याप्त होता है।
अस्पताल से घर तक जरूरी है देखभाल | Family Support in Breastfeeding
सिविल सर्जन ने कहा कि सुरक्षित प्रसव अस्पताल में होता है, लेकिन स्वस्थ बचपन की नींव घर में रखी जाती है।
यदि माँ को पर्याप्त आराम मिले।
पौष्टिक भोजन मिले।
तनावमुक्त वातावरण मिले।
और परिवार का पूरा सहयोग मिले।
तो स्तनपान अधिक सफल होता है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
छह महीने तक केवल माँ का दूध ही सर्वोत्तम | Family Support in Breastfeeding
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजर आलम ने बताया कि जीवन के पहले छह महीने तक केवल माँ का दूध ही शिशु के लिए संपूर्ण पोषण प्रदान करता है।
इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
संक्रमण का खतरा कम होता है।
कुपोषण से बचाव होता है।
और शिशु का समग्र विकास बेहतर होता है।
उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग माँ को आत्मविश्वास देता है और विशेष स्तनपान को सफल बनाता है।
क्यों जरूरी है परिवार का सहयोग | Family Support in Breastfeeding
- माँ का आत्मविश्वास बढ़ता है।
- स्तनपान सफल होता है।
- नवजात का बेहतर विकास होता है।
- संक्रमण का खतरा कम होता है।
- कुपोषण से बचाव होता है।
- माँ का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
- परिवार में सकारात्मक वातावरण बनता है।
विशेषज्ञों की प्रमुख सलाह | Family Support in Breastfeeding
| विषय | सुझाव |
|---|---|
| स्तनपान | जन्म के तुरंत बाद शुरू करें |
| पहले छह महीने | केवल माँ का दूध दें |
| परिवार की भूमिका | माँ का हर स्तर पर सहयोग करें |
| नवजात देखभाल | स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परामर्श अपनाएँ |
| माँ का स्वास्थ्य | आराम, पौष्टिक भोजन और तनावमुक्त वातावरण दें |
महत्वपूर्ण बातें | Family Support in Breastfeeding
- नवजात को पहले छह महीने केवल माँ का दूध दें।
- शहद, पानी या अन्य पदार्थ देने से बचें।
- परिवार माँ का मनोबल बढ़ाए।
- स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह का पालन करें।
- समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएँ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि सफल स्तनपान केवल माँ की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी है। जब परिवार माँ के साथ खड़ा होता है, तब नवजात को जीवन की सबसे सुरक्षित और स्वस्थ शुरुआत मिलती है। स्वस्थ समाज की नींव अस्पताल से नहीं, बल्कि घर के सहयोगी वातावरण से मजबूत होती है। इसलिए हर परिवार को माँ का संबल बनना चाहिए, क्योंकि माँ का साथ ही बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।




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