Farmer Protest in Madhya Pradesh | मण्डियों में किसानों का शोषण, सरकार नाकाम
तोल कांटों की गड़बड़ी पर भड़का आक्रोश | Farmer Protest in Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याएं लगातार गहराती जा रही हैं। प्रदेश की विभिन्न मण्डियों से किसानों के शोषण की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं, तो कहीं तोल कांटों में गड़बड़ी कर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि परेशान किसानों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने का रास्ता अपनाया है। खाचरोद मण्डी में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां किसानों ने तुलाई में गड़बड़ी को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
समर्थन मूल्य पंजीयन में देरी से बढ़ी परेशानी | Farmer Protest in Madhya Pradesh
किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर पंजीयन में देरी होने के कारण उन्हें मजबूरी में मण्डियों का रुख करना पड़ता है। वहां व्यापारी और निजी तोल कांटे संचालक उनका शोषण कर रहे हैं।
मुख्य समस्याएं:
- समर्थन मूल्य पंजीयन में देरी
- मण्डी में उचित भाव का अभाव
- तोल कांटों में हेराफेरी
- अधिकारियों की लापरवाही
तोल कांटों में गड़बड़ी का बड़ा खेल | Farmer Protest in Madhya Pradesh
खाचरोद मण्डी में किसानों ने आरोप लगाया कि निजी तोल कांटों पर उनकी उपज कम तोली जा रही है, जबकि मण्डी परिसर में वही उपज अधिक निकल रही है। इससे साफ है कि तुलाई में गड़बड़ी कर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
“निजी तोल कांटों पर हर दिन लाखों की लूट हो रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही”
किसानों के अनुसार:
- प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपए तक की लूट
- व्यापारी जबरन निजी कांटों पर भेजते हैं
- सरकारी जांच व्यवस्था कमजोर
प्रशासन मौके पर पहुंचा, जांच के आदेश | Farmer Protest in Madhya Pradesh
चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। मौके पर संबंधित अधिकारी पहुंचे और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी:
- थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया
- तहसीलदार गुलाब सिंह परिहार
- मण्डी सचिव हरचंद मेड़ा
- नापतोल निरीक्षक अफराज हुसैन
अधिकारियों ने मण्डी परिसर और निजी तोल कांटों को बंद कर जांच के आदेश दिए। साथ ही किसानों से शिकायत आवेदन लेकर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही।
लापरवाही से बढ़ी समस्या | Farmer Protest in Madhya Pradesh
यह मामला प्रशासन और नापतोल विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। यदि समय रहते सभी तोल कांटों की जांच होती, तो यह स्थिति नहीं बनती।
विभागीय विफलताएं:
| समस्या | जिम्मेदार विभाग | स्थिति |
|---|---|---|
| तोल कांटे जांच | नापतोल विभाग | लापरवाही |
| मण्डी निगरानी | मण्डी विभाग | कमजोर नियंत्रण |
| किसानों की सुनवाई | प्रशासन | देरी |
सरकार पर उठे सवाल | Farmer Protest in Madhya Pradesh
किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना है कि सरकार केवल कार्यक्रमों में किसानों का सम्मान करती है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देती।
“अभिनंदन के समय किसान याद आते हैं, लेकिन समस्या के समय कोई नहीं”



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