Gyan Bharatam Mission | दरभंगा में “ज्ञान भारतम् मिशन” को लेकर बड़ी पहल
पाण्डुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण पर प्रशासन गंभीर | Gyan Bharatam Mission
दरभंगा, 09 अप्रैल 2025।
जिले में प्राचीन धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक का मुख्य विषय था—
पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटलीकरण।
क्या है “ज्ञान भारतम् मिशन” का उद्देश्य
यह मिशन भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित करने के लिए शुरू किया गया है।
बैठक में राज्य सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा हुई।
“पाण्डुलिपियां हमारी पहचान हैं। इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी है।” — जिलाधिकारी
75 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियां होंगी शामिल | Gyan Bharatam Mission
इस अभियान के तहत एक बड़ा निर्णय लिया गया है।
- 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पाण्डुलिपियां शामिल होंगी
- निजी, पारिवारिक और संस्थागत संग्रह भी जोड़े जाएंगे
- आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी
नागरिकों से विशेष अपील | Gyan Bharatam Mission
जिलाधिकारी ने जिले के लोगों से सहयोग मांगा है।
क्या करना होगा?
- अपने घर, पुस्तकालय या संस्थान में पुरानी पाण्डुलिपि खोजें
- मोबाइल से फोटो लें
- उसे स्कैन करें
- gyan bharatam.com पर अपलोड करें
“आपकी एक पहल, हमारी विरासत को बचा सकती है।”
किन स्थानों पर होगी खोज | Gyan Bharatam Mission
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खोज अभियान व्यापक होगा।
- पुस्तकालय
- मंदिर
- मदरसा
- पुराने विद्यालय
- ऐतिहासिक स्थल
- धार्मिक संस्थान
साथ ही, पारंपरिक रूप से पाण्डुलिपि संभालने वाले व्यक्तियों की पहचान भी की जाएगी।
विशेष लिपियों और भाषाओं पर फोकस | Gyan Bharatam Mission
- कैथी लिपि
- स्थानीय और अंचलिक भाषाएं
- विशेष रूप से “सुरजामुखी” भाषा
उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने इस दिशा में विशेष ध्यान देने को कहा।
पाण्डुलिपि क्या होती है? | Gyan Bharatam Mission
पाण्डुलिपि (Manuscript) वह हस्तलिखित दस्तावेज है—
- कागज, ताड़पत्र या भोजपत्र पर लिखा
- ऐतिहासिक, धार्मिक या वैज्ञानिक महत्व वाला
- कम से कम 75 वर्ष पुराना
डिजिटलीकरण की पूरी प्रक्रिया | Gyan Bharatam Mission
पाण्डुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी—
| चरण | विवरण |
|---|---|
| 1 | पाण्डुलिपि की पहचान |
| 2 | उच्च गुणवत्ता में स्कैनिंग |
| 3 | विवरण तैयार करना |
| 4 | पोर्टल पर अपलोड |
| 5 | डिजिटल संग्रह बनाना |
तीन माह की समयसीमा तय | Gyan Bharatam Mission
- सर्वेक्षण के लिए 3 महीने का लक्ष्य
- प्रशिक्षण और जन-जागरूकता अभियान शुरू
- मानक संचालन प्रक्रिया लागू
उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा सम्मान | Gyan Bharatam Mission
जो नागरिक इस अभियान में बेहतर योगदान देंगे—
- उन्हें प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा
- उनकी पहचान जिले में विशेष रूप से की जाएगी
प्रशासन की सख्त निर्देश | Gyan Bharatam Mission
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए—
- सभी प्रखंडों में बैठक आयोजित हो
- संभावित स्थलों की सूची तैयार हो
- पाण्डुलिपियों का सूचीकरण अनिवार्य हो
मिशन क्यों है महत्वपूर्ण | Gyan Bharatam Mission
- सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
- इतिहास का डिजिटल रिकॉर्ड
- आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित ज्ञान
“यह मिशन भारत की आत्मा को बचाने का प्रयास है।” — जिलाधिकारी




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