Kishanganj Jeevika Didi Tiranga | किशनगंज की जीविका दीदियाँ बना रहीं 28 हजार तिरंगे
किशनगंज। देशभक्ति और श्रमशक्ति का अनूठा संगम किशनगंज में देखने को मिल रहा है। जिले की जीविका दीदियाँ आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर तिरंगा निर्माण में जुटी हैं। सातों प्रखंडों की करीब चार सौ जीविका दीदियाँ दिन-रात मेहनत कर रही हैं।
इन महिलाओं ने अपने हुनर को राष्ट्रसेवा से जोड़ दिया है। वे सिलाई केंद्रों और अपने घरों में तिरंगे तैयार कर रही हैं। इस पहल से उन्हें रोजगार और आमदनी भी मिल रही है।
28 हजार तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
हर घर तिरंगा अभियान 2026 के तहत किशनगंज जिले में कुल 28 हजार तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक प्रखंड के लिए चार हजार तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
तैयार किए जा रहे तिरंगे संबंधित विभागों, संस्थानों और स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कुल तिरंगे | 28 हजार |
| प्रखंड | 7 |
| प्रत्येक प्रखंड का लक्ष्य | 4 हजार |
| तिरंगा निर्माण में जुटीं महिलाएं | करीब 400 |
| प्रशिक्षित जीविका दीदियाँ | करीब 1800 |
| अभियान | हर घर तिरंगा 2026 |
1800 जीविका दीदियों को मिला प्रशिक्षण | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
तिरंगा निर्माण को गति देने के लिए जिले के सातों प्रखंडों की करीब 1800 जीविका दीदियों को कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया था।
कुशल प्रशिक्षकों के नेतृत्व में महिलाओं को सिलाई की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण के बाद बड़ी संख्या में दीदियाँ तिरंगा निर्माण के काम में जुट गईं।
यह प्रशिक्षण अब रोजगार के अवसर में बदल रहा है। महिलाएं अपने हुनर से आय अर्जित कर रही हैं।
सिलाई केंद्रों और घरों में हो रहा निर्माण | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
किशनगंज की जीविका दीदियाँ अलग-अलग स्थानों पर तिरंगे तैयार कर रही हैं। इसके लिए जीविका दीदी का सिलाई घर सहित विभिन्न सिलाई केंद्रों का उपयोग किया जा रहा है।
कई महिलाएं अपने घरों से भी तिरंगा निर्माण कर रही हैं।
निर्माण के बाद तिरंगों की पैकेजिंग की जाती है। इसके बाद निर्धारित संख्या के अनुसार संबंधित विभागों और संस्थानों को आपूर्ति की जाती है।
देशभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
तिरंगा निर्माण केवल एक रोजगार का अवसर नहीं है। यह महिलाओं की देशभक्ति और सामाजिक भागीदारी का भी उदाहरण बन रहा है।
जीविका दीदियाँ अपने श्रम से राष्ट्र गौरव की भावना को मजबूत कर रही हैं। उनके सामूहिक प्रयास से कम समय में बड़ी संख्या में तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं।
“तिरंगा निर्माण से जीविका दीदियों को रोजगार और आमदनी के साथ राष्ट्रसेवा का अवसर भी मिल रहा है।”
कला संस्कृति विभाग ने सौंपी जिम्मेदारी | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने बताया कि जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश के अनुसार हर घर तिरंगा अभियान 2026 के लिए तिरंगा निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिहार के कला संस्कृति विभाग के माध्यम से जीविका दीदियों को तिरंगा निर्माण और आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है।
सातों प्रखंडों में काम लगातार चल रहा है।
सामूहिक प्रयास से पूरा होगा लक्ष्य | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
जीविका के सामुदायिक संगठनों से जुड़ी महिलाएं इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ से जुड़ी हुनरमंद महिलाएं तिरंगा निर्माण में योगदान दे रही हैं।
गैर-कृषि क्षेत्र की युवा पेशेवर डॉली ने बताया कि जिले के विभिन्न सिलाई केंद्रों पर तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं। पैकेजिंग के बाद जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार संबंधित विभागों को आपूर्ति की जा रही है।
हर घर तिरंगा का उद्देश्य | Kishanganj Jeevika Didi Tiranga
हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए प्रेरित करना है।
इससे नागरिकों में राष्ट्र गौरव और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
किशनगंज की जीविका दीदियाँ इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके हाथों से तैयार हो रहा हर तिरंगा श्रम, स्वावलंबन और राष्ट्रप्रेम का संदेश दे रहा है।



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