Para Legal Volunteers Training Motihari | दो दिवसीय प्रशिक्षण से सशक्त हुए पैरा विधिक स्वयंसेवक
करीब दो सौ स्वयंसेवकों ने लिया प्रशिक्षण, गांव-गांव तक विधिक सहायता पहुंचाने का दिया गया संदेश | Para Legal Volunteers Training Motihari
मोतिहारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी तथा लॉ फाउंडेशन, पटना के संयुक्त तत्वावधान में नव नियुक्त पैरा विधिक स्वयंसेवकों के लिए आयोजित दो दिवसीय अभिमुखीकरण सह क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त स्वयंसेवकों को न्याय व्यवस्था, विधिक अधिकारों तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न अनुमंडलों से आए लगभग दो सौ पैरा विधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उनके अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में प्रभावी ढंग से कार्य करने के तरीके भी समझाए गए।
दो दिनों में अलग-अलग अनुमंडलों के स्वयंसेवकों को मिला प्रशिक्षण | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण का पहला चरण 31 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया। इसमें मोतिहारी सदर क्षेत्र के नव नियुक्त पैरा विधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
दूसरे दिन 1 अगस्त 2026 को सिकरहना (ढाका) तथा अरेराज अनुमंडल के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया।
दोनों दिनों में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विधिक सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की।
न्याय और आमजन के बीच मजबूत कड़ी हैं स्वयंसेवक | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद ने किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत कुमार तिवारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितिन त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सचिव नितिन त्रिपाठी ने कहा कि पैरा विधिक स्वयंसेवक न्याय व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
“समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता पहुंचाना ही पैरा विधिक स्वयंसेवकों का सबसे बड़ा दायित्व है।”
उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए तथा निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
गांव-गांव जाकर लोगों तक पहुंचेगी विधिक जानकारी | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को बताया गया कि उन्हें—
- गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुननी होंगी।
- विधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने होंगे।
- पीड़ितों को उचित मंच तक पहुंचाना होगा।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचानी होगी।
- कार्य करते समय गोपनीयता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखनी होगी।
अधिकारियों ने स्वयंसेवकों से सेवा भाव, ईमानदारी और समर्पण के साथ दायित्व निभाने की अपील की।
महत्वपूर्ण कानूनों की भी दी गई जानकारी | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण के संसाधन व्यक्ति सामाजिक विशेषज्ञ सुनील झा ने सहभागितापूर्ण और गतिविधि आधारित सत्रों का संचालन किया।
उन्होंने प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
प्रमुख विषय
- पैरा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका
- बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून
- किशोर न्याय संबंधी प्रावधान
- पीड़ित सहायता व्यवस्था
- विधिक जागरूकता अभियान
- सामाजिक उत्तरदायित्व
प्रतिभागियों ने इन सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अनेक व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लॉ फाउंडेशन, पटना के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार सहित शुभेंदु शेखर, आनंद बांसकर, दीपशिखा तथा रिया ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
विशेषज्ञों ने स्वयंसेवकों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने के अनुभव साझा किए और समाज में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास | Para Legal Volunteers Training Motihari
प्रशिक्षण के समापन के बाद प्रतिभागियों में नई ऊर्जा और उत्साह दिखाई दिया।
स्वयंसेवकों ने कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें समाज में कार्य करने की स्पष्ट दिशा मिली है।
अब वे अधिक जिम्मेदारी के साथ लोगों तक विधिक सहायता और जागरूकता पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें | Para Legal Volunteers Training Motihari
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण एवं लॉ फाउंडेशन, पटना |
| स्थान | मोतिहारी |
| अवधि | दो दिन |
| प्रतिभागी | लगभग 200 पैरा विधिक स्वयंसेवक |
| उद्देश्य | विधिक जागरूकता एवं क्षमता निर्माण |
| मुख्य संदेश | अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना |
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशिक्षण | Para Legal Volunteers Training Motihari
- विधिक सहायता की पहुंच गांवों तक बढ़ेगी।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिलेगी।
- समाज में विधिक जागरूकता मजबूत होगी।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचेगी।
- न्याय व्यवस्था और आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनेगा।




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