PMFME Scheme Success Story | बेरोजगार से रोजगारदाता बनने की प्रेरक कहानी

PMFME Scheme Success Story | पीएमएफएमई योजना की मदद से मधुबनी के सोनू कुमार ने चूड़ा मिल स्थापित कर रोजगार का नया उदाहरण पेश किया। जानिए उनकी प्रेरक सफलता की पूरी कहानी।


PMFME Scheme Success Story | पीएमएफएमई योजना से बदली सोनू कुमार की तकदीर, चूड़ा मिल से पांच लोगों को मिला रोजगार

मधुबनी के युवा ने सरकारी योजना का उठाया लाभ, स्वरोजगार से बने मिसाल | PMFME Scheme Success Story

मधुबनी, 29 जून 2026।

बिहार के मधुबनी जिले के एक युवा ने यह साबित कर दिया है कि सही सोच, मेहनत और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का सपना पूरा किया जा सकता है। मधवापुर प्रखंड के सहारघाट निवासी सोनू कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर चूड़ा मिल स्थापित की और आज कई लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन चुके हैं।

उनकी सफलता अब जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

PMFME Scheme Success Story

बेरोजगारी से उद्योग तक का सफर | PMFME Scheme Success Story

सोनू कुमार ने मैट्रिक तक की शिक्षा प्राप्त की है।

रोजगार की तलाश के दौरान उन्होंने बाजार की जरूरतों का अध्ययन किया।

उन्हें पता चला कि चूड़ा और पोहा जैसे उत्पादों की मांग पूरे क्षेत्र में लगातार बनी रहती है।

इसी अवसर को पहचानते हुए उन्होंने 23 जनवरी 2025 को “श्रीराम चूड़ा मिल” की स्थापना की।


पीएमएफएमई योजना से मिली आर्थिक सहायता | PMFME Scheme Success Story

उद्योग शुरू करने के लिए सोनू कुमार को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 8.80 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली।

इस सहायता से उन्होंने चूड़ा और पोहा का उत्पादन शुरू किया।

शुरुआत आसान नहीं रही।

उत्पाद को बाजार में पहचान दिलाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।

लेकिन गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे ने धीरे-धीरे उनकी पहचान मजबूत कर दी।

“लगातार मेहनत और बेहतर गुणवत्ता ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।”


उत्पादन में यह चुनौती बनी हुई है | PMFME Scheme Success Story

सोनू कुमार के अनुसार धान की उपलब्धता सीमित होने के कारण वर्षभर उत्पादन संभव नहीं हो पाता।

करीब छह महीने तक ही उत्पादन नियमित रूप से चलता है।

इसके बावजूद वे ग्राहकों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण चूड़ा उपलब्ध करा रहे हैं।


पांच लोगों को मिला रोजगार | PMFME Scheme Success Story

आज उनकी इकाई केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है।

यह गांव के कई परिवारों की आय का स्रोत बन चुकी है।

वर्तमान स्थिति

विवरणजानकारी
उद्यमीसोनू कुमार
जिलामधुबनी
प्रखंडमधवापुर
उद्योगश्रीराम चूड़ा मिल
स्थापना23 जनवरी 2025
सरकारी सहायता8.80 लाख रुपये
उत्पादचूड़ा, पोहा
रोजगार5 कारीगरों सहित कुल 6 लोगों को कार्य

भविष्य की क्या है योजना? | PMFME Scheme Success Story

सोनू कुमार अब अपने उद्योग का विस्तार करना चाहते हैं।

वे उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं।

इसके लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होगी।

यदि आवश्यक सहयोग मिला तो आने वाले समय में और अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।


युवाओं के लिए दिया प्रेरक संदेश | PMFME Scheme Success Story

सोनू कुमार का मानना है कि बिहार में कुशल श्रमिकों और बाजार की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

“अगर युवा उद्योग स्थापित करें तो वे खुद भी आत्मनिर्भर बनेंगे और दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा करेंगे।”


मुख्य बातें | PMFME Scheme Success Story

  • पीएमएफएमई योजना से मिली 8.80 लाख रुपये की सहायता।
  • मधुबनी में स्थापित हुई श्रीराम चूड़ा मिल।
  • चूड़ा और पोहा का किया जा रहा उत्पादन।
  • पांच अन्य लोगों को मिला रोजगार।
  • भविष्य में उद्योग विस्तार की तैयारी।
  • युवाओं को स्वरोजगार अपनाने की सलाह।

मधुबनी के सोनू कुमार की यह सफलता बताती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने चूड़ा उद्योग स्थापित कर न केवल अपनी बेरोजगारी दूर की, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए। उनकी यह कहानी बिहार ही नहीं, पूरे देश के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं।

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