Shravani Mela 2026 | बांका में कांवरियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम, नदियों-पोखरों पर तैनात गोताखोर
बांका। श्रावणी मेला 2026 को लेकर बांका जिला प्रशासन ने कांवरिया श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी की है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर कांवरिया पथ से जुड़े संवेदनशील जलाशयों की पहचान की गई है।
नदियों, पोखरों और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
कांवरिया पथ के संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी | Shravani Mela 2026
जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ से सटे उन सभी स्थानों को चिन्हित किया है, जहां गहरे पानी या अन्य जोखिम की आशंका है।
इन जगहों पर प्रशिक्षित आपदा मित्र और गोताखोरों की तैनाती की गई है। उन्हें किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इन स्थानों को किया गया संवेदनशील चिन्हित
| अंचल | संवेदनशील स्थल |
|---|---|
| बेलहर | कुमरसार नदी, धौरी |
| चांदन | गोरियारी नदी, चांदन नदी और टंगेश्वर |
| कटोरिया | किशनगंज धर्मशाला के पश्चिम स्थित पोखर |
| कटोरिया | तुलसीवरण मोड़ के समीप स्थित पोखर |
| कटोरिया | तुलसीवरण मोड़ दरवे पट्टी के बगल बोलबम पथ के दक्षिण स्थित पोखर |
| कटोरिया | जमुआ पुल के समीप नदी |
| कटोरिया | छपरहिया धर्मशाला के पश्चिम स्थित पोखर |
| कटोरिया | तिलैया बोलबम पथ के पश्चिम किनारे स्थित पोखर |
| कटोरिया | शिवमोह धर्मशाला और लक्ष्मण झूला के समीप स्थित पोखर |
गोरियारी नदी पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था | Shravani Mela 2026
गोरियारी नदी तट पर राज्य आपदा मोचन बल के जवानों की तैनाती की गई है। किसी भी विशेष या अप्रिय घटना की स्थिति में जवान तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करेंगे।
इसके अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का विशेष ध्यान इस बात पर है कि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करे।
आपदा मित्र और गोताखोर रहेंगे मुस्तैद | Shravani Mela 2026
प्रशिक्षित गोताखोरों को आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। आपदा मित्र भी कांवरिया श्रद्धालुओं की सहायता में सक्रिय रहेंगे।
उनकी जिम्मेदारी केवल बचाव कार्य तक सीमित नहीं है। वे श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी भी देंगे।
आपदा मित्रों की प्रमुख जिम्मेदारियां
- श्रद्धालुओं को संभावित खतरों की जानकारी देना।
- सुरक्षित मार्ग अपनाने के लिए जागरूक करना।
- नदी और पोखर के पास सावधानी बरतने की अपील करना।
- भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग करना।
- जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना।
- किसी भी आपात स्थिति की सूचना संबंधित कर्मियों तक पहुंचाना।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील | Shravani Mela 2026
जिला प्रशासन ने कांवरिया श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे नदी, पोखर और अन्य जलाशयों के समीप निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें।
प्रशासन और तैनात कर्मियों के निर्देशों की अनदेखी नहीं करें।
“सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले जलाशयों से दूर रहें।”
भीड़ प्रबंधन पर भी रहेगा जोर | Shravani Mela 2026
श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जलाशयों के आसपास भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना है।
इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के साथ-साथ बचाव दल को तैयार रखा गया है।
सुरक्षित और सकुशल मेला संपन्न कराने की तैयारी | Shravani Mela 2026
जिला प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपदा मित्र, गोताखोर और राज्य आपदा मोचन बल के जवान लगातार मुस्तैद रहेंगे।
श्रद्धालुओं से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है।
प्रशासन का मानना है कि सभी के सहयोग से श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सकुशल संपन्न कराया जा सकेगा।


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