Supaul Development Review: योजनाओं की प्रगति पर सख्त निर्देश, कई प्रखंड फिसड्डी
सुपौल | 25 मार्च 2026
सुपौल जिले में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर अब प्रशासन सख्त हो गया है।
बुधवार को सुबह 10:30 बजे Supaul Development Review के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ ने की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रखंडों से अधिकारी जुड़े।
इस बैठक में PMAY-G Progress, MGNREGA Status, Swachh Bihar Mission Review, Rural Housing Scheme Update, Job Card Verification, E-KYC Progress जैसे अहम मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
- निदेशक, NEP
- निदेशक लेखा प्रशासन
- DRDA के अधिकारी
- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा)
- सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
- मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी
- स्वच्छता समन्वयक
सभी ने अपने-अपने प्रखंड की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

PMAY-G Progress: आवास योजना में सुस्ती पर नाराजगी | Supaul Development Review
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा में कई खामियां सामने आईं।
मुख्य बिंदु
- छातापुर को छोड़कर बाकी प्रखंडों की प्रगति खराब
- पहली किस्त के बाद प्लिंथ निर्माण अधूरा
- दूसरी किस्त के बाद छत स्तर तक काम नहीं पहुंचा
प्रशासन के निर्देश
“लाभुकों से सीधे संपर्क कर कार्य में तेजी लाएं”
- एक सप्ताह में जॉब कार्ड सत्यापन पूरा करें
- आवास एप सर्वे के लंबित मामलों का निपटारा करें
PMAY-G प्रगति की स्थिति | Supaul Development Review
| प्रखंड | प्रगति स्थिति |
|---|---|
| छातापुर | संतोषजनक |
| अन्य प्रखंड | असंतोषजनक |
Swachh Bihar Mission Review: स्वच्छता अभियान में लापरवाही
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की समीक्षा में कई प्रखंड पीछे पाए गए।
कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंड
- छातापुर
- निर्मली
- पिपरा
कार्रवाई
- संबंधित समन्वयकों से स्पष्टीकरण मांगा गया
- BDO को प्रगति सुधारने का निर्देश
CSC Construction Status: अधूरे निर्माण पर सख्ती
कई प्रखंडों में CSC निर्माण कार्य अधूरा मिला।
लंबित प्रखंड
- किशनपुर
- मरौना
- पिपरा
- सरायगढ़
- राघोपुर
- बसंतपुर
- छातापुर
निर्देश
- निर्माण कार्य जल्द पूरा करें
- अधिकतम फोटो स्वच्छता ग्रुप में अपलोड करें
Grey Water Management: पंचायत स्तर पर नई पहल
जल प्रबंधन को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए।
निर्देश
- प्रत्येक चयनित प्रखंड में 1 पंचायत चिन्हित करें
- धूसर जल प्रबंधन के लिए जमीन तय करें
- NOC प्राप्त करें
प्रभावित प्रखंड
- सुपौल
- छातापुर
- त्रिवेणीगंज
- पिपरा
- सरायगढ़
MGNREGA Status: E-KYC पर फोकस
मनरेगा योजना में ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रशासन का लक्ष्य
- 31 मार्च 2026 तक सभी जॉब कार्डधारियों का E-KYC पूरा
निर्देश
- वार्ड स्तर पर टीम तैनात करें
- पंचायत रोजगार सेवक, BFT और मेट की जिम्मेदारी तय करें
Geo Tagging और अधूरे कार्यों पर सख्ती
Geo MGNREGA निर्देश
- सभी योजनाओं का “During” और “After” जियो टैग अनिवार्य
अधूरे कार्यों पर कार्रवाई
- कनीय अभियंता और तकनीकी सहायक स्थल निरीक्षण करें
- कार्य पूरा कर रिपोर्ट जिला को भेजें
तालिका: मनरेगा कार्यों की प्राथमिकता
| कार्य | स्थिति | लक्ष्य |
|---|---|---|
| E-KYC | अधूरा | 31 मार्च 2026 |
| जियो टैगिंग | जारी | शीघ्र पूर्ण |
| अपूर्ण कार्य | लंबित | निरीक्षण के बाद पूर्ण |
प्रशासन का सख्त संदेश
बैठक के अंत में स्पष्ट संकेत दिया गया।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, हर योजना में समयबद्ध प्रगति जरूरी है”
Supaul Development Review से बढ़ा दबाव
Supaul Development Review ने यह साफ कर दिया है कि अब ढिलाई नहीं चलेगी।
- आवास योजना में तेजी लानी होगी
- स्वच्छता अभियान को मजबूत करना होगा
- मनरेगा में पारदर्शिता बढ़ानी होगी
आने वाले दिनों में इन योजनाओं की प्रगति प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
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