Supaul Hand Pump Repair Team | गर्मी से पहले 11 चलंत मरम्मति दल रवाना, हजारों चापाकलों की होगी देखरेख
सुपौल जिले में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। Supaul Hand Pump Repair Team को शुक्रवार 13 मार्च 2026 को जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया।
इस पहल का उद्देश्य गर्मी के मौसम में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थापित सरकारी चापाकलों को सुचारू रूप से चालू रखना है।
जिलाधिकारी श्री सावन कुमार (भा.प्र.से.) ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के चलंत चापाकल मरम्मति दल को जिला मुख्यालय से रवाना किया।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान से हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
Supaul Hand Pump Repair Team का उद्देश्य
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा गठित यह Supaul Hand Pump Repair Team जिले के सभी प्रखंडों में जाकर खराब चापाकलों की मरम्मति करेगी।
इस दल में प्रशिक्षित चापाकल मिस्त्री, खलासी और तकनीकी कर्मी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में चापाकलों का चालू रहना बेहद जरूरी है।
“गर्मी के दिनों में सभी चापाकल सुचारू रूप से काम करें। किसी भी खराब चापाकल की तुरंत मरम्मति होनी चाहिए।”
— सावन कुमार, जिलाधिकारी सुपौल
जिले में कितने चापाकल हैं | Supaul Hand Pump Repair Team
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सुपौल के अंतर्गत हजारों चापाकल स्थापित हैं। इनकी नियमित मरम्मति और रखरखाव के लिए यह टीम बनाई गई है।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| IM-II चापाकल | 1,595 |
| साधारण / सिंगूर चापाकल | 16,353 |
| कुल चापाकल | 17,948 |
इतनी बड़ी संख्या में चापाकलों के कारण Supaul Hand Pump Repair Team की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
11 चलंत मरम्मति दल किए गए तैनात | Supaul Hand Pump Repair Team
जिले के सभी प्रखंडों में कुल 11 Mobile Repair Teams भेजी गई हैं।
इन टीमों का काम होगा:
- खराब चापाकलों की पहचान
- त्वरित मरम्मति
- पाइप और पंप के हिस्सों की जांच
- जरूरत पड़ने पर पार्ट्स बदलना
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन | Supaul Hand Pump Repair Team
यदि किसी गांव या इलाके में चापाकल खराब हो जाता है तो लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नियंत्रण कक्ष संपर्क नंबर
| सेवा | नंबर |
|---|---|
| जिला नियंत्रण कक्ष | 06473-223669 |
| टोल फ्री हेल्पलाइन | 18001231121 |
जैसे ही कॉल प्राप्त होगा, संबंधित Supaul Hand Pump Repair Team को तुरंत सूचना भेजी जाएगी और टीम मौके पर पहुंचेगी।
PHED अधिकारियों के मोबाइल नंबर | Supaul Hand Pump Repair Team
पेयजल से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिक सीधे क्षेत्रीय अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।
| अधिकारी | पद | मोबाइल नंबर |
|---|---|---|
| ई. जिसान हैदर | सहायक अभियंता, सुपौल | 9552784777 |
| ई. लाल बाबु साह | सहायक अभियंता, त्रिवेणीगंज | 7970811856 |
| ई. नीरज कुमार | सहायक अभियंता, वीरपुर | 6202422906 |
| ई. पिंकु कुमार मंडल | सहायक अभियंता, निर्मली | 9113763339 |
| ई. धीरज कुमार सिंह | कनीय अभियंता, सुपौल | 7598524525 |
| ई. अविनाश कुमार | कनीय अभियंता, किशनपुर | 9162028870 |
| ई. अरुण कुमार | कनीय अभियंता, सरायगढ़-भपटियाही | 8757751032 |
| ई. मिठु कुमार | कनीय अभियंता, त्रिवेणीगंज | 7544827849 |
| ई. प्रदीप शर्मा | कनीय अभियंता, छातापुर | 8210894579 |
| ई. धीरज कुमार | कनीय अभियंता, पिपरा | 8539845527 |
| ई. शंकर कुमार | कनीय अभियंता, बसंतपुर | 8541805922 |
| ई. सनोज कुमार | कनीय अभियंता, प्रतापगंज | 9572827350 |
| ई. मुन्ना कुमार | कनीय अभियंता, राघोपुर | 7544958381 |
| ई. नीलू भारती | कनीय अभियंता, मरौना | 6204325060 |
| ई. दूर्गानन्द राम | कनीय अभियंता, निर्मली | 9162434499 |
स्कूल और सरकारी संस्थानों के चापाकल भी रहेंगे चालू
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सभी सरकारी संस्थानों और विद्यालयों में लगे चापाकल चालू स्थिति में रहें।
उन्होंने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि:
- विद्यालयों के चापाकल नियमित जांचे जाएं
- खराब होने पर तुरंत मरम्मति हो
- बच्चों को पीने का स्वच्छ पानी मिले
नल-जल योजना को भी सक्रिय रखने का निर्देश | Supaul Hand Pump Repair Team
जिलाधिकारी ने कहा कि चापाकलों के साथ-साथ नल-जल योजना को भी पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए।
उन्होंने PHED अधिकारियों और कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि:
- पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी करें
- सभी योजनाओं का अनुश्रवण करें
- जनता की शिकायतों का तुरंत समाधान करें
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रशासन का मानना है कि Supaul Hand Pump Repair Team के सक्रिय होने से ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या काफी हद तक कम होगी।
विशेषकर गर्मी के मौसम में जब जल स्तर नीचे चला जाता है, तब चापाकलों का ठीक रहना लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होता है।
इस पहल से हजारों ग्रामीण परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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