AES (Acute Encephalitis Syndrome) | चमकी बुखार पर अलर्ट: डॉक्टरों को मिली Life-Saving Training

AES (Acute Encephalitis Syndrome) | चमकी बुखार (AES) और JE से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को Life-Saving Training दी, सभी अस्पतालों में एईएस वार्ड तैयार।


AES (Acute Encephalitis Syndrome) | चमकी बुखार की आहट पर स्वास्थ्य विभाग हुआ एक्शन मोड में

AES (Acute Encephalitis Syndrome) | चमकी बुखार (AES) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (JE) से निपटने की तैयारी तेज

छपरा। गर्मी के मौसम में चमकी बुखार (AES) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (JE) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले के स्वास्थ्य विभाग ने सक्रिय तैयारी शुरू कर दी है। सदर अस्पताल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में डॉक्टरों को ‘Life-Saving’ Training दी गई।


अस्पतालों में अलर्ट, डॉक्टरों की विशेष ट्रेनिंग | AES (Acute Encephalitis Syndrome)

  • जिले के सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों और चयनित मेडिकल ऑफिसरों को SOP (Standard Operating Procedure) के अनुसार प्रशिक्षण दिया गया।
  • प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गंभीर मरीजों का त्वरित और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना था।
  • डॉ. भूपेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, ने शिविर की अध्यक्षता की।
  • डॉ. मयंक कुमार, मास्टर ट्रेनर, ने विशेषज्ञ के रूप में चिकित्सकों को एईएस और जेई के उपचार में गहन जानकारी दी।

“समय पर पहचान और त्वरित उपचार ही मरीज की जान बचा सकता है।” – डॉ. भूपेंद्र कुमार


गंभीर मरीजों के प्रबंधन पर फोकस | AES (Acute Encephalitis Syndrome)

प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों पर विशेष जोर दिया गया:

  • तेज बुखार और अचानक चेतना में बदलाव
  • सांस लेने में कठिनाई और शरीर में ऐंठन
  • रक्त संचार और ब्लड शुगर की कमी (Hypoglycemia)
  • प्राथमिक स्तर पर तुरंत उपचार और उच्च स्तरीय अस्पताल रेफरल

“बच्चों में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।” – सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी


आवश्यक दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता | AES (Acute Encephalitis Syndrome)

संसाधनउपलब्धता
ग्लूकोजपर्याप्त
एंटीबायोटिक और एंटीपायरेटिक दवाएंउपलब्ध
ऑक्सीजन सिलेंडरउपलब्ध
एईएस वार्डसभी अस्पतालों में स्थापित
  • स्वास्थ्य विभाग ने बेड क्षमता बढ़ाने और ICU सुविधा मजबूत करने के निर्देश दिए।
  • ऑक्सीजन सप्लाई और एम्बुलेंस सेवाओं को तत्पर रखने की व्यवस्था।

एईएस के लक्षण | AES (Acute Encephalitis Syndrome)

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • उल्टी
  • बेहोशी या अचेत अवस्था
  • शरीर में ऐंठन (दौरा)
  • अत्यधिक कमजोरी
  • मानसिक भ्रम या प्रतिक्रिया में कमी

“यदि बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं।”

AES (Acute Encephalitis Syndrome)

बचाव के उपाय | AES (Acute Encephalitis Syndrome)

  • बच्चों को रात में खाली पेट न सुलाएं।
  • सुबह मीठा या पौष्टिक भोजन दें।
  • स्वच्छ एवं संतुलित आहार सुनिश्चित करें।
  • गंदगी और मच्छरों से बचाव करें।
  • तेज बुखार या बेहोशी की स्थिति में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल जाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में AES वार्ड और आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। जागरूकता और समय पर इलाज ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।


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