Beekeeping for Women Empowerment | जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में मधुमक्खी पालन से महिलाओं की आजीविका सशक्त बनाने पर कार्यशाला
वैशाली/मुजफ्फरपुर, 14 मार्च 2026:
जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह के मार्गदर्शन में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में “Beekeeping for Women Empowerment” फोकस किए गए कार्यशाला का आयोजन मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाना और बाजार से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन | Beekeeping for Women Empowerment
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसमें प्रमुख शामिल थे:
- राज्य परियोजना प्रबंधक (गैर कृषि) श्री समीर कुमार
- डीपीएम जीविका मुजफ्फरपुर श्रीमती अनीशा
- डीपीएम वैशाली श्रीमती वंदना कुमारी
- डाबर के प्रतिनिधि श्री अजय कुमार
- मधुग्राम की जीविका दीदियाँ
श्री समीर कुमार ने कहा,
“ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। मधुमक्खी पालन न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ा रहा है, बल्कि शहद उत्पादन और विपणन से आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है।”
कार्यशाला की मुख्य बातें | Beekeeping for Women Empowerment
कार्यशाला में मुजफ्फरपुर, वैशाली, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण की जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्य चर्चा विषय थे:
- अधिक शहद उत्पादन की रणनीतियाँ
- उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दीदियों का सम्मान
डीपीएम जीविका मुजफ्फरपुर श्रीमती अनीशा ने कहा,
“जुड़ी हुई महिलाएं निरंतर प्रगति कर रही हैं और शहद उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है।”
डीपीएम वैशाली श्रीमती वंदना कुमारी ने भरोसा दिलाया कि गुणवत्तापूर्ण शहद उत्पादन पर महिलाओं को बेहतर मूल्य मिलेगा।
श्री अजय कुमार (डाबर) ने बताया,
“जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित शहद की गुणवत्ता उच्च स्तर की है। यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आपूर्ति होगी, तो आर्थिक लाभ भी अच्छा मिलेगा।”
प्रतिभागियों और गतिविधियाँ | Beekeeping for Women Empowerment
कार्यक्रम का संचालन नॉन-फार्म प्रबंधक वैशाली श्री मनीष कुमार द्वारा किया गया।
- सभी प्रतिभागियों ने चमकी बुखार (AES) से बचाव के लिए शपथ ली।
- उपस्थित थे संचार प्रबंधक राजीव रंजन, संतोष कुमार, आनंद कुमार, शिवम कुमार, इमरान अली, चुनचुन कुमार सहित अनेक जीविका कर्मी और दीदियाँ।
जिलाधिकारी का संदेश | Beekeeping for Women Empowerment
श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा,
“जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जीविका के माध्यम से महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाया जाए। मधुमक्खी पालन जैसे उद्यमों से महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार से जोड़ने में जिला प्रशासन हर संभव सहयोग देगा।”
मधुमक्खी पालन के लाभ | Beekeeping for Women Empowerment
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| आर्थिक सशक्तिकरण | शहद उत्पादन से महिलाओं की आय बढ़ती है |
| आत्मनिर्भरता | महिलाएं व्यवसायिक कौशल सीखती हैं |
| बाजार से जुड़ाव | जीविका कार्यक्रम के माध्यम से बड़े बाजार उपलब्ध |
| गुणवत्ता सुनिश्चित करना | डाबर जैसी कंपनियों के साथ समन्वय |
| सामाजिक सशक्तिकरण | महिला समूहों के बीच सहयोग और अनुभव साझा करना |
यह कार्यशाला महिलाओं के लिए Beekeeping for Women Empowerment का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि उन्हें व्यवसायिक कौशल, बाजार की समझ और आत्मविश्वास भी मिलेगा। जिला प्रशासन और जीविका कार्यक्रम का यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
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