Women Empowerment | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘नारी शक्ति के स्वावलंबन और सामर्थ्य’ का उत्सव
जमुई, 8 मार्च 2026:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला समाहरणालय सभाकक्ष में “Women Empowerment” और “Self-Reliance of Women” पर आधारित अनूठा उत्सव आयोजित किया गया।
जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा. प्र. से.) की अध्यक्षता में सम्पन्न इस कार्यक्रम में न केवल जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया, बल्कि महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर भी जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी का संदेश | Women Empowerment
श्री नवीन ने कहा:
“भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान और लैंगिक समानता की जड़ें गहरी हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को सुरक्षा और अवसर देती हैं।
जल, थल और नभ—तीनों क्षेत्रों में महिलाएं अब अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है।
उनका संदेश था कि समाज में अभी भी हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को मुख्य धारा में लाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यपालक अभियंता का दृष्टिकोण | Women Empowerment
कार्यपालक अभियंता श्री गौतम कुमार ने कहा:
“पुरुषों की कार्यक्षमता समाज में निरंतरता और स्थिरता तभी पा सकती है, जब महिलाओं का सहयोग और संबल मौजूद हो।
नारी की उपस्थिति के बिना किसी भी क्षेत्र में प्रगति असंभव है।”
सम्मानित जीविका दीदियां | Women Empowerment
इस अवसर पर उन जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने स्वावलंबन और साहस से समाज में परिवर्तन किया।
सम्मानित महिलाओं की सूची:
| नाम | उपलब्धि |
|---|---|
| बेबी कुमारी | स्थानीय महिला उद्यमिता में उत्कृष्ट योगदान |
| सुमन कुमारी | शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय |
| पिंकी कुमारी | महिला स्वयं सहायता समूह का नेतृत्व |
| सुकांती कुमारी | ग्रामीण महिला सशक्तिकरण में नवाचार |
| दिव्यांग बबिता देवी | सामाजिक समावेश और प्रेरणा का प्रतीक |
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी ने कहा:
“ये महिलाएं शक्ति और आत्मविश्वास का जीवंत स्वरूप हैं। उनके साहस को नमन करते हैं।”
कार्यक्रम का समापन | Women Empowerment
समारोह के अंत में डीपीएम जीविका संजय कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और सैकड़ों जीविका दीदियों ने सामूहिक रूप से सशक्त नारी भागीदारी की शपथ ली।
मुख्य बिंदु:
- महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और योगदान को मान्यता।
- प्रशासनिक और व्यक्तिगत संबल का महत्व।
- समाज में समान अवसर और स्वावलंबन का संदेश।
- Women Empowerment और Self-Reliance of Women पर जोर।
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि जमुई का भविष्य महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना अधूरा है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह उत्सव सिर्फ सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समाज में उनके स्वावलंबन का प्रतीक बन गया।
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