workplace sexual harassment prevention workshop | छपरा में मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना अंतर्गत कार्यशाला
छपरा, 2 मार्च, 2026:
मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों की एक दिवसीय workplace sexual harassment prevention workshop आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया और सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को इस संवेदनशील विषय पर जागरूक किया।
कार्यशाला का उद्देश्य | workplace sexual harassment prevention workshop
- कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकना।
- सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में अधिनियम के अनुरूप आंतरिक समिति का गठन सुनिश्चित करना।
- शिकायत की प्रक्रिया, जांच और कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी देना।
अधिनियम के प्रमुख प्रावधान | workplace sexual harassment prevention workshop
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| लागू कार्यालय | 10 या अधिक कर्मी वाले कार्यालय में आंतरिक समिति अनिवार्य |
| छोटे कार्यालय | 10 से कम कर्मी वाले कार्यालय में स्थानीय समिति अनिवार्य |
| शिकायत की समय सीमा | घटना के 3 माह के अंदर लिखित शिकायत |
| जांच की अवधि | शिकायत प्राप्ति के 90 दिनों में जांच पूरी |
| कार्रवाई | समिति द्वारा धारा 13 के अनुसार अनुशंसा |
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन | workplace sexual harassment prevention workshop
विशेषज्ञ संस्था C-Three (Center for Catalyzing Change) की मास्टर प्रशिक्षक श्रीमती गुंजन बिहारी ने कार्यशाला में सभी पदाधिकारियों को अधिनियम के तहत जिम्मेदारियों, शिकायत प्रक्रिया, जांच और कार्रवाई की पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
“यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। सभी पदाधिकारी और कर्मचारी इसकी पूरी जानकारी रखें।” – जिलाधिकारी
कार्यशाला में चर्चा के मुख्य बिंदु | workplace sexual harassment prevention workshop
- कार्यस्थल की परिभाषा
- यौन उत्पीड़न के प्रकार
- शिकायत की प्रक्रिया
- जाँच और कार्रवाई की पद्धति
- समयसीमा का पालन
प्रतिभागी | workplace sexual harassment prevention workshop
- उपविकास आयुक्त
- अपर समाहर्त्ता
- सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से:
- अनुमंडल पदाधिकारी
- भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता
- प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी
जिलाधिकारी का संदेश | workplace sexual harassment prevention workshop
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यालयों में internal committee का गठन करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राप्त शिकायतों की जाँच और कार्रवाई समय पर होनी चाहिए।
“कोई भी पीड़ित महिला कर्मी तीन माह के भीतर लिखित रूप में शिकायत कर सकती है। जांच के बाद कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।”
यह कार्यशाला महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सभी पदाधिकारी और कर्मचारी संवेदनशील विषयों पर सतर्क और सशक्त बनेंगे।
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